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इमरान ख़ान की अफ़ग़ानिस्तान में भूमिका के लिए डोनल्ड ट्रंप ने शुक्रिया कहा - पांच बड़ी ख़बरें

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने गुरुवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को शुक्रिया कहा है.
फ़ोन पर हुई इस बातचीत के दौरान इमरान ख़ान ने तालिबान की ओर से पश्चिमी देशों के बंधकों को रिहा किए जाने को "सकारात्मक प्रगति" बताया और कहा कि पाकिस्तानी को ख़ुशी है कि छोड़े गए दोनों बंधक सुरक्षित हैं.
हाल ही में तालिबान ने अफ़ग़ान सरकार के साथ क़ैदियों की अदलाबदली की थी जिसके तहत उसने लंबे समय से बंधक बनाकर रखे गए एक अमरीकी और एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक को रिहा किया है.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "राष्ट्रपति ट्रंप ने इस सकारात्मक परिणाम में पाकिस्तान के प्रयासों के लिए प्रधानमंत्री का शुक्रिया अदा किया है."
आगे कहा गया है कि प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने अफ़ग़ानिस्तान में शांति स्थापित करने की दिशा में पाकिस्तान की प्रदिबद्धता को दोहराया और दोनों नेताओं के बीच साझा लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में साथ काम करने पर समहति बनी है.
पु़डुचेरी के मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी ने केंद्र सरकार पर दोह
ब्रिटेन की लेबर पार्टी ने वादा किया कि अगर वह सत्ता में आती है तो भारत के जलियांवाला बाग़ के नरसंहार के लिए माफ़ी मांगी जाएगी.
12 दिसंबर को होने जा रहे आम चुनाव से पहले अपना घोषणा पत्र जारी करते हुए ब्रिटेन के विपक्षी दल ने इसमें भारत में 'औपनिवेशिक अतीत की जांच' करवाने का संकल्प भी जताया है.
ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे ने 100 साल पहले पंजाब के जलियांवाला बाग़ में हुए इस नरसंहार के लिए अफ़सोस तो जताया था मगर माफ़ी नहीं मांगी थी.
लेबर पार्टी के 107 पन्नों के घोषणापत्र में 'अमृतसर में हुए नरसंहार' के दौरान ब्रिटेन की भूमिका की समीक्षा करने की भी बात कही गई है.
'इट्स टाइम फ़ॉर रियल चेंज' शीर्षक वाले घोषणापत्र में लिखा गया है कि 'हम जलियांवाला बाग़ में हुए नरसंहार के लिए औपचारिक माफ़ीनामा जारी करेंगे और अमृतसर में हुए नरसंहार में ब्रिटेन की भूमिका की समीक्षा करेंगे.'
महाराष्ट्र में सरकार बनाने को चल रही क़वायद आख़िरी दौर में पहुंच चुकी है. आज एनसीपी और कांग्रेस सत्ता में साझेदारी के फ़ॉर्मूले पर शिव सेना के साथ बातचीत करने जा रही हैं.
शुक्रवार को होने वाली अहम बैठक के दौरान आधे-आधे कार्यकाल के लिए शिव सेना और एनसीपी के मुख्यमंत्री बनाने, उप-मुख्यमंत्रियों और मंत्रिमंडल को लेकर चर्चा होने की संभावना हैं.
ऐसी ख़बरें हैं कि एनसीपी यह मांग उठा सकती है कि आधे कार्यकाल के लिए उसका भी मुख्यमंत्री हो. हालांकि शिव सेना कहती रही है कि मुख्यमंत्री पूरे पांच साल के लिए उसी का होगा.
एनसीपी आधे कार्यकाल को लेकर अड़ी रह सकती है क्योंकि पार्टी प्रमुख शरद पवार ने कांग्रेस को शिव सेना के साथ सरकार बनाने पर चर्चा करने के लिए राज़ी करने में अहम भूमिका निभाई है.
गुरुवार को एनसीपी और कांग्रेस के नेताओं के बीच दिल्ली में लगातार दूसरे दिन हुई बैठक के बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा था कि दोनों पार्टियों के बीच सभी मुद्दों पर सहमति बन गई है और अब मुंबई में शिवेसना से बातचीत के बाद सरकार के गठन पर कोई ऐलान किया जाएगा.
रे बर्ताव का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि पुडुचेरी में योजनाएं लागू करने के लिए कभी राज्य की तरह व्यवहार किया जाता है तो कभी केंद्र शासित प्रदेश की तरह.
एक कार्यक्रम में पुडुचेरी के मुख्यमंत्री ने कहा, "भारत सरकार को जब ठीक लगता है, वे अपनी सुविधा के हिसाब से हमारे साथ राज्य की तरह व्यवहार करते हैं. मैं कहता हूं कि कम से कम हमें ट्रांसजेंडर ही घोषित कर दो. न हम यहां हैं और न वहां. हमारी स्थिति ये है."
नारायणसामी ने कहा कि 'हम एक अनिश्चितता और जोखिम भरी स्थिति में हैं. केंद्र हमारे साथ भेदभाव कर रहा है और प्रशासन को कई रुकावटों का सामना करना पड़ रहा है.'
केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी और उपराज्यपाल किरण बेदी के बीच अक्सर विवाद की ख़बरें आती रहती हैं.
हाल ही में नारायणस्वामी ने उपराज्यपाल को लेकर कहा था कि वह 'तानाशाह की तरह काम कर रही हैं और एडॉल्फ़ हिटलर की बहन जैसी हैं.'

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